Madhuri जिंदगी कुछ यूं गुजारी जा रही है जैसे एक जंग हारी जा रही है जहां पर पहले से ज़ख्मों के निशान थे फिर से वहीं पर चोट मारी जा रही है #दिल_में_दर्द_और_दर्द_में_हम