Gunjan Agrawal
कितनी सुन्दर होती है वो एक “रात”,
जब चांदनी अपने चांद की रोशनी में सराबोर होती है.. लेकिन एक कटु सत्य यह भी है कि,
चांदनी को अपने चांद में खोकर एक होने के लिए..
न जाने कितनी ही स्याह रातों से होकर,
गुजरना पड़ता है..!!!
गुंजन शिशिर/
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
