Pushpa कुछ लोगों की दृष्टि वैसी ही होती है.. जैसा उनका स्वभाव होता है... वो गुलाब में भी कांटे ही ढूंढते हैं ऐसे तर्कहीन लोगों के समक्ष मौन उचित है !!