Sugandha Sharma
जब भी “आना” मेरे क़रीब तो “बेहिसाब” आना..!!
मुझे आदत नहीं है इश्क़ में “हिसाब” रखने की..!!
मैं हूँ तेरे “सामने” एक खुली “किताब” की तरह..!!
मुझे आदत नहीं है चेहरे पे “नक़ाब” रखने की..!!
#सुप्रभात_जिंदगी
#सुगंधा
#हर_हर_महादेव
#वंदे_मातरम्
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