Ravina Mishra🧚‍♀️ हेलो अंधकार! मेरे पुराने दोस्त, मैं फिर से आपसे बात करने आयी हूँ, क्योंकि एक दृष्टि धीरे-धीरे रेंग रही है, सोते समय इसके बीज छोड़ दिये , और वह दृष्टिकोण जो मेरे मस्तिष्क में रोपा गया था, अभी भी मौन की आवाज़ों के भीतर रहता है.....।