Gunjan Agrawal
“एक सफर तुम्हारे साथ”
एक अनजानी मंजिल की चाह में,
भटक गए हम इस राह में..
फूलों की ही नहीं जहां चादर बिछी है,
कांटों की भी इस राह में..
फिर भी चल पड़े हम बेखौफ होकर,
न जाने क्यूं इस मंजिल की चाह में..!!!
गुंजन शिशिर/
@Gunj26
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