सारिका सिंह (मनी )
हमारी शायरी भी हमारी कम दुश्मन नहीं
तुझे भूलने नहीं देती….
दिल से निकलते है अल्फाज़ जहाँ तू खुद है रहती….
एक जंग तुझसे है साथ होकर भी साथ नहीं
एक जंग शायरी से है मेरी साथ रहकर भी
ये हमेशा तेरे साथ रही…
शिकवा तुझसे ही नहीं शायरी से भी है
न हँसने देती ना रोने देती…. ❤️
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