Chaudhary Sahiba चार दिन की बातें और सदियों का ये नाता लगता है, तू अजनबी होकर भी मुझे सबसे ज्यादा अपना लगता है। मोहब्बत को वक्त की तराजू में मत तोलो ऐ दुनिया वालों, कभी एक लम्हा भी पूरी उम्र से बड़ा लगता है।"