Naina Mehta
ज़िंदगी एक अधूरा ख़्वाब है, जो हर सुबह नई शक्ल बदल लेता है।
कुछ राज़ पंखुड़ियों की तरह होते हैं, छू लो तो खुशबू देते हैं, पकड़ लो तो बिखर जाते हैं।
इसी नाज़ुक सच में, दर्द भी गुलाब बनकर चुपचाप मुस्कुराता है।
शुभ प्रभात।
शुभ शुक्रवार।
#सुप्रभात_वंदन
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com