Naina Mehta किसी की खामोशी हवा में टंगी कोई पहेली नहीं, वह भीतर सहेजा गया संसार है। उसमें झाँकना नहीं, उसे मान लेना ही सम्मान है। शुभ प्रभात। शुभ सोमवार।