Hina_Jaiswal_
देखकर भी प्यासी रहें आँखें
वो हसीं सूरत हो तुम
चाहकर भी ना छू सकें
वो हवाएँ हो तुम
दिल की धड़कन में बसी हुई
एक अनकही बात हो तुम
रातों की तन्हाई में जागी
एक अधूरी कहानी हो तुम
ख्वाबों में समाई हुई मीठी सी
एक धुन हो तुम
दूर से पुकारती हुई
एक कोहरे की लकीर हो तुम
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
