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बदांयू 2 जनवरी।
हिंदी पंचांग के अनुसार 2026 अधिकमास वाला साल होगा। अधिकमास में आठ साल बाद दो ज्येष्ठ माह होंगे। जबकि पिछली बार अधिमास में दो सावन पड़े थे। इस तरह साल 2026 ,13 माह का होगा। इसमें पिछले साल की अपेक्षा ज्यादातर त्योहारों में बदलाव दिखेगा।
इस साल शुरुआत के छह महीने में त्योहार पिछले साल से 10 दिन पहले पड़ेंगे और अगले छह महीने में त्योहार 16 से 19 दिन देर से पड़ेंगे। इसलिए इस बार होली 10 दिन पहले चार मार्च को पड़ेगी और दीपावली पिछले साल से 17 दिन देरी से यानी आठ नवंबर को मनाई जाएगी।
अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार अधिकमास एक अतिरिक्त चंद्र माह होता है, जो हर तीन साल में सौर कैलेंडर में जोड़ा जाता है। जिस तरह अंग्रेजी कैलेंडर में लीप ईयर होता है, उसी तरह पंचांग में अधिकमास होता है। सौर वर्ष 365 दिन और चंद्र वर्ष 364 दिनों का होता है। ज्योतिष के आधार पर तीन वर्ष में चंद्र और सूर्य वर्ष के बीच आए इन्हीं 11 दिनों के अंतर को खत्म करने के लिए तीन साल में एक बार एक अधिकमास आता है।
ज्योतिषाचार्य राजेश शर्मा के अनुसार हिंदू त्योहार चंद्रमा की स्थिति व उसकी गति पर आधारित होते हैं। अधिकमास ज्येष्ठ मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। पूरे साल में होली, दिवाली, नवरात्र आदि त्योहारों में तिथियां घटने के साथ बढ़ेंगी। इस साल मांगलिक कार्य चार फरवरी से शुरू होंगे। विवाह के मुहूर्त भी चार से ही शुरू होंगे।
अधिकमास का प्रभाव 19 मार्च से शुरू होगा। मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही होगी।
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