Naina Mehta ज़रूरत की घड़ी में पास वाले सबसे दूर नहीं होते। आपकी ख़ामोश मौजूदगी ने आयोजन को संभाल लिया, बिना कहे बहुत कुछ कह दिया। यह एहसान शब्दों से नहीं, यादों में दर्ज है। शुभ प्रभात। शुभ शुक्रवार। #सुप्रभात_जिंदगी