Pushpa इंसान का चरित्र और चित्र में सिर्फ इतना अंतर है, चरित्र समाज के विचारों में छप जाता है ,और चित्र फ्रेम में दीवार पर टंग जाता है, यह दोनों स्थाई होते, हैं उन्हें बदला नहीं जा सकता है