Laxmi Singh ✨ मौसम में सर्दी घुल रही है… और मुझमें तुम्हारा इश्क। ये दिसंबर भी ना… खामख़ाह दिल की बेचैनियाँ बढ़ा देता है। ठंडी हवाओं में न जाने क्यों तुम्हारी साँसों की गर्माहट याद आने लगती है। ✨