Namita तुम हंसो तो दिन निकले, चुप रहो तो रातें हैँ, किसका ग़म कहां का ग़म सब फिजूल की बातेँ हैं..!!
तुम हंसो तो – Namita Badaun Express December 9, 2025 Namita तुम हंसो तो दिन निकले, चुप रहो तो रातें हैँ, किसका ग़म कहां का ग़म सब फिजूल की बातेँ हैं..!!