Piyano “नीली साड़ी में वो यूँ खिड़की पे ठहर गई, हवा भी उसकी खुशबू चुरा के बेअसर रह गई। पीठ से गिरती लटों ने दिल की धड़कन चुरा ली, आज तो बस उसकी एक मुस्कान से शाम निखर गई😍😍💋