Ravina Mishra🧚♀️
दुआ – सलाम हो उनसे यही गनीमत है,
वरना इन दिनों इसकी भी किसको फुरसत है।
कभी तो वो टूट के चाहे कभी वो रूठ गए,
बदलती रहती है अक्सर ये अच्छी सूरत है।
जो भूल बैठे थे मुझको कई महिनों से,
सुनी हूँ मैं फिर उनको मेरी जरूरत है।
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