आर्य समाज ने यज्ञ कर की विश्व कल्याण की प्रार्थना
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के ग्राम गुधनी स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में रविवार को आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। सत्संग की शुरुआत विद्वान आचार्यों द्वारा वेद मंत्रों के उच्चारण और यज्ञ के साथ की गई। यज्ञ के दौरान उपस्थित लोगों ने विश्व शांति, समाज कल्याण और परिवारों में प्रेम की भावना बढ़ाने के लिए परमेश्वर से प्रार्थना की। वैदिक विद्वान एवं समाज सुधारक आचार्य संजीव रूप ने अथर्ववेद के मंत्रों का वाचन करते हुए कहा कि परिवार और समाज की समृद्धि मधुर व्यवहार, सम्मान और प्रेम पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि पुत्र पिता का अनुवर्ती हो, उत्तम गुणों को धारण करने वाला हो। मां के मन का हो, पत्नी पति का सम्मान करने वाली हो और पति भी पत्नी को देवी मानकर आदर देने वाला बने। भाई-भाई व बहन-बहन के बीच द्वेष नहीं होना चाहिए। जब परिवारों में मिठास होती है, तब जीवन सुंदर बनता है और देश महान बन जाता है। आचार्या तृप्ति आर्य ने जीवन-मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन अनमोल है, इसे प्रसन्नता से व्यतीत करना चाहिए। संतोष सबसे बड़ा धन है, जिसके आगे दूसरा कोई धन टिक नहीं सकता। सत्संग में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और यज्ञ में आहुतियां समर्पित कर परिवार एवं समाज की उन्नति की कामना की। कार्यक्रम के अंत में शांति पाठ के साथ सत्संग का समापन किया गया।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
