Pooja Tiwari
जिम्मेदारियों के धूप में रंग उड़ ना जाये कहीं,
चेहरे को रोशन करने आफताब उतार लाती हूँ।
गुल खिलने को क्यूँ है बहारों के मुन्तज़िर,
एक मुस्कान से खिजां में भी बहार लाती हूँ।
खुशियों में तो निखरते हैं चेहरे सभी ‘पूजा’,
ग़मों के तपिश से अपना चेहरा निखार लाती हूँ।।
❣️
#पूजा 🫰🥀
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