(जय हनुमान)
तुम्हें जो नाम प्रिय है प्रभु,
वही राम नाम मैं गाऊंगा।
अपने चरणों में रखना सदा,
तुमसे मैं दूर ना जाऊंगा।
तुम्हें जो नाम प्रिय हैं प्रभु,
वही राम नाम मैं गाऊंगा।
मैं जग के रिश्ते नातों की,
अब परवाह नहीं करता।
मेरे जीवन में तुमसे उजाला,
तुम्हें कण कण में बसाऊंगा।
तुम संकट मोचन कहलाते,
जीवन के कष्ट सब हरते।
मिटा दो डर मेरे मन से।
मेरे मन को बना लो घर।
लगन ऐसी लगा दो प्रभु,
तुम्ही हर ओर नजर आओ।
तुम्हारे नाम का दीपक,
मन के मंदिर में जलाऊंगा।
तुम्हें जो नाम प्रिय है प्रभु
वही राम नाम मैं गाऊंगा।
प्रियंका विवेक सिंह
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