Pushpa जो साथ निभाए, उसकी कदर जरूरी है, वरना दुनिया तो मतलब की मजबूरी है। झुको उतना ही, जितनी इज्जत बची रहे, वरना चुप रहने में भी बेइज्जती छिपी रहे