Ravina
कविता सावन की है फुहार
पालना भाव की शुभ पुकार
रस भरे शब्द की पूर्व वायु
कविता विरही दिल की गुहार
कविता घन में चपला प्रकाश
क्षण भर सुख पा कवि हो निराश
झरती बूंदें बन सरस भाव
कविता प्रमुदित कर भरे आश
कविता तारों का सुखद हार
कवि हिय नभ में करती विहार
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