1:07 am Monday , 3 August 2026
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धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव का बदायूं से नाता- बदायूं प्रेम पर लिख दी गाथा


धरती पुत्र नेता जी मुलायम सिंह यादव का बदायूं से प्रेम जनपद की राजनीति में एबीसीडी का ज्ञान होने वालों से छिपा नहीं है। बदायूं की राजनीति में नेता जी का पहला दखल 1977 के विधानसभा चुनाव में बिसौली विधानसभा क्षेत्र में समय दिखाई दिया जब नेता जी ने बनवार सिंह यादव को विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी का उम्मीदवार बनवाया जबकि बदायूं के प्रति नेता जी का प्यार उस समय दिखाई दिया जब जनता पार्टी से अलग होने के बाद नेता जी ने समाजवादी जनता पार्टी बनाई जिसके बाद पहले चुनाव में नेता जी ने बदायूं से बच्चन मियां, उसहैत से बनवारी सिंह यादव को सजपा उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा और कटरा सादात में आयोजित चुनावी सभा में मतदाताओं को संबोधित करते हुए बनवारी सिंह यादव को विधायक बनाने की अपील की। इसी चुनाव में बनवारी सिंह यादव पहली बार विधायक बने जबकि सजपा और उसके बाद सपा के जीवनभर जिलाध्यक्ष भी रहे। बाद में नेता जी केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री बने जबकि विधानसभा चुनाव में प्रदेश की मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमों मायावती के बिल्सी से विधानसभा चुनाव मैदान में आने पर नेता जी ने रक्षामंत्री होते हुए विधानसभा चुनाव लडा जहां वर्तमान के बदायूं सदर विधायक महेश गुप्ता दूसरे स्थान पर रहे और वहीं से महेश गुप्ता बदायूं की राजनीति में आए जबकि विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद नेता जी ने विधायक पद से त्याग पत्र दे दिया जिसके उपचुनाव में ओमकार सिंह को सपा से जीतकर पुनः विधायक बने। बाद में नेता जी मुख्यमंत्री बने और बदायूं जिले की गुन्नौर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और यहीं से नेता जी का बदायूं प्रेम जगजाहिर होता चला गया। पहले प्रख्यात कवि डा उर्मिलेश शंखधार और उसके उपरांत प्रख्यात कवि डा ब्रजेन्द्र अवस्थी के निधन पर अंतिम दर्शन करने एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने भी आए। उस समय बिजली की बहुत किल्लत हुआ करती थी लेकिन जब नेता जी के बदायूं आगमन पर लोगों ने नेता जी से बिजली की किल्लत दूर कराने को कहा तो नेता जी ने बदायूं को विद्युत कटौती मुक्त जनपद घोषित कर दिया। बाद के समय में जब बदायूं को अपना जिला घोषित करने की राह पर चलने का समय आया तो नेता जी ने अपने बडे भाई के पुत्र धर्मेंद्र यादव को बदायूं संसदीय सीट से सपा उम्मीदवार बनाकर बदायूं से नेता जी के प्रेम की एक नई कहानी लिखने जैसा काम किया।

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