आज के दिन का ऐतिहासिक महत्व है और इसी वजह से इस दिन को राष्ट्रीय वन शहीद दिवस (National Forest Martyrs’ Day) के तौर पर चुना गया। 1730 में इसी दिन अमृता देवी के नेतृत्व में बिश्नोई जनजाति के 360 से ज़्यादा लोगों ने पेड़ों की कटाई का विरोध किया था। पेड़ों को बचाने के उनके विरोध के कारण, राजा के आदेश पर राजस्थान के खेजरली में उनकी हत्या कर दी गई थी।
*गूगल से साभार*
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