Ravina Mishra वो सुबह कभी तो आएगी इन काली सदियों के सर से जब दुख का आंचल ढलकेगा। जब दुख के बादल पिघलेंगे जब सुख का सागर छलकेगा जब धरती नग्में गाएगी वो सुबह कभी तो आएगी जब रविना सबको प्रेम से डांटेगी वो सुबह कभी तो आएगी