Pushpa Pathak राम काजु कीन्हें बिनु, मोहि कहाँ विश्राम। सुनतहिं भयउ पर्वत सम, तनु तजि गयउ बिनु प्रान॥संकट से हनुमान छुड़ावै, मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।सब पर राम तपस्वी राजा, तिनके काज सकल तुम साजा॥ 🙏जय वीर बजरंगबली 🙏