Sugandha Sharma जितने अहसास हैं मेरे अंदर, तुम्हारे लिए…! उतने तो शब्द भी नहीं होते किताबों में…!! लिपटी रहती हैं तुम्हारी यादें… यूं मेरे अहसासों से!! जैसे… रूह लिपटी रहती है ज़िन्दग़ी भर सांसों से । #सुप्रभात_जिंदगी #सुगंधा #हर_हर_महादेव