Ravina Mishra न पूछ मुझसे मेरे ख्वाबों की ताबीरें, हर एक सपना तेरा चेहरा बन जाता है। लिखूं कैसे तुझ पे ग़ज़लें मैं, हर लफ्ज़ में तू ही तू नजर आती है। 💕