Ravina Mishra मैं चाहती हूँ किसी पंख या फूल कि तरह एक किताब में रख दूं अपना अतीत और, छुपा दूं उस किताब को किसी टुटी सी रैक में फिर कभी भूले से तमाम पुरानी किताबों संग उसे भी दे दूं किसी कबाड़ी को।