2:10 am Wednesday , 22 July 2026
BREAKING NEWS

कैसा है यह पशु प्रेम, पशुओं से ज्यादा अपना फ्रेम ?

बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ
पशुओं की रक्षा करना और किसी व्यक्ति में पशुओं के प्रति प्रेम होना बहुत अच्छी है पर पशु प्रेम का आइना दिखाकर उसमें अपना फोटो फ्रेम बनाने की बात किसी के गले नहीं उतरती यह बात भी पूरी तरह सत्य है। यह सत्य है कि पशुओं के बिना पकृति का चक्र पूर्ण नहीं हो सकता परंतु यह भी तो सत्य है सृष्टि के चक्र में एक मानव ऐसा प्राणी है जिसको सृष्टि ने कमाने को हाथ, देखने को आखें और विश्व कल्याण हेतु सोचने की शक्ति भी दे रखी है। अगर कोई बुरा ना माने तो पुरानी उस कहावत में दम नजर आता है जिसमें मानव को कमाने और सबको खिलाने का परिपूर्ण ज्ञान होने की बात कही जाती है।
वर्तमान हालात में आम आदमी का दिल उस समय दुखी होता है जब पशु प्रेम का चश्मा लगाकर समाज का हीरो समझने वाले पशु प्रेम के सामने मानव प्रेम को नजरंदाज करते दिखाई देते हैं। आम आदमी को लगता है कि वाहन चलाते समय दुर्घटना होना स्वाभाविक प्रक्रिया भी हो सकती है, दुर्घटना के समय पशु प्रेम के चश्माधारियों यह भी सोचना चाहिए। बस रिपोर्ट दर्ज कराना उनका दायित्व नहीं होना चाहिए क्योकि आम आदमी को लग रहा है कि पशु प्रेम की आढ में कुछ लोग अपनी तिजोरी को भरने का साधन बनाकर चलते दिख रहे हैं और ऐसे लोग पहले रिपोर्ट दर्ज करात सा बना लिया हैं और इसी लिए अक्सर रिपोर्ट दर्ज कराने वाले बाद में वाहन दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन चालकों से सौदेबाजी करते दिख जाते है। आम आदमी को लगता है कि दुर्घटना होने पर किसी व्यक्ति विशेष की तहरीर की जगह सरकारी अथवा अर्ध सरकारी संस्था की तहरीर पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.