Gunjan Agrawal
“मैं तुम्हें फिर मिलूंगी”🙇
क्षितिज के उस पार
पक्षियों के कलरव में,
सागर की लहरों में
लहरों की उत्कंठा में,
सूरज के उजाले में
ऊषा की किरण में
अनचाहे मेघों की बरसात में
हवा की सरगोशी में..
सिर्फ तुम महसूस लेना तमाम उन लम्हों को,
ताकि मिल सकूं मैं फिर से तुमसे..!!!
गुंजन शिशिर
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