Ravina Mishra
दिल लिखा वो जो अल्फ़ाज़ अधूरे थे
वो तेरे आने से अब पूरे लगते हैं
तन्हा शामों में खामोशी थी लिपटी
अब तेरी मुस्कान में धीरे से पिघलते हैं
चाँद अब हर रात ज़्यादा चमकता है
सितारे जाने क्या राज़ हमसे कहते हैं
तू जबसे शामिल है धड़कनों की रवानी में
हर पल में साज़ हर लम्हा एक कहानी है।
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