
(इंसान बनना है)
ना ही भगवान बनना है,
मुझे ना महान बनना है।
दर्द दूजों का जो समझे,
मुझे वो इंसान बनना है।
गलत राहों से डरता रहूं,
हमेशा नेकी पर मैं चलूं।
जो लोगों के दिलों में बसे,
मुझे वो इंसान बनना है।
मुझे कुछ भी कहे कोई,
नित आगे बढूं प्रतिपल।
मानवत खून में जिसके,
मुझे वो इंसान बनना है।
किसी की आंख के आंसू,
जो अपने दिल में रखता हो।
जो दे हर दिल को खुशहाली,
मुझे वो इंसान बनना है।
ना ही भगवान बनना है,
मुझे ना महान बनना है।
दर्द दूजों का जो समझे,
मुझे वो इंसान बनना है।
प्रियंका विवेक सिंह
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