95 वर्ष बाद भद्रा रहित षष्ठ शुभ अद्भुत संयोगों में मनाया जाएगा रक्षाबंधन : आचार्य राजेश कुमार शर्मा
बनेंगे षष्ठ शुभ संयोग:
वर्ष 1930 में भी 9 अगस्त का रक्षाबंधन था वैसा पूर्ण संयोग:
29 वर्ष बाद समसप्तक योग :
भद्रा एवं पंचक रहित होगा रक्षाबंधन:
राखी बांधने को मिलेंगे 7 घंटे 59 मिनट:
95 वर्ष बाद रक्षाबंधन पर कई शुभ योग जिनमें सौभाग्य, शोभन, सर्वार्थ सिद्धि, रवि, समसप्तक , एवं नव पंचम योग प्राप्त हो रहे हैं। आचार्य राजेश कुमार शर्मा बताते हैं कि भद्रा का उदय सावन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी 8 अगस्त को दोपहर 2:15 से होगा जो कि रात्रि 1:54 तक रहेगा।जबकि पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को 2:15 से अगले दिन 9 अगस्त को दिन में 1:26 तक रहेगी। ऐसे में रक्षाबंधन का पर्व उदया तिथि यानी 9 अगस्त को मनाया जायेगा। ज्योतिषाचार्य पं राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि मकर राशि के स्वामी शनि और सूर्य आपस में समसप्तक योग बना रहे हैं। 29 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि रक्षाबंधन पर शनि मीन और सूर्य कर्क राशि पर रहेंगे।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 5:27 से 6:07 बजे तक, सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 6:07 से 8:22 बजे, विजय मुहूर्त सुबह 10:51 से दोपहर 12:04 तक, अभिजीत मुहूर्त मध्याह्न 11:52 से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा। यहां हम कह सकते हैं प्रातः 5:27 से दोपहर 1:26 तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ रहेगा। यद्यपि यह मुहूर्त है इसके बाद भी पूर्ण दिन राखी बांधना श्रेष्ठ है।
राखी बांधने की विधि:
बहनें रोली, अक्षत, मिठाई, और दीपक के साथ थाली सजाकर भाई को बैठाकर राखी बांधें।
भाई के माथे पर रोली,अक्षत का तिलक लगाएं। अब उसके दाहिने हाथ में राखी बांधें और राखी बांधते समय यह मंत्र बोलें:
“ॐ येन बद्धो बली राजा, दानवेन्द्रो महाबल: तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचल:”
इसके बाद भाई को मिठाई खिलाएं और उसकी आरती उतारें। अंत में भाई को चाहिए कि वह बहन को प्रेम पूर्वक उपहार दे, यह पूरा विधान भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
