Gunjan Agrawal
जैसे उसने बिन कुछ कहे ही मुझे राह में तन्हां छोड़ा है, दुआ मेरी यही है कि कोई और उन्हें वैसे तन्हां न छोड़े..
इस कमबख्त जिंदगी ने इतने गम दिए हैं कि,
हम तो फिर भी बिखरकर शायद सम्हल जाएंगे..
डर सिर्फ इतना है कि वो जो अगर बिखर गए तो,
फिर कैसे सम्हल पाएंगे.!!
गुंजन शिशिर
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