#
खुशबुओं के परस्तार ये पेड़ हैं
ज़िन्दगी के सरोकार ये पेड़ हैं
सिर्फ लकड़ी समझकर न काटो इन्हें
आदमी का ही अवतार ये पेड़ हैं
आप हुलसें तो ये भी हुलसते दिखे
आप झुलसें तो ये भी झुलसते दिखे
कोई मौसम हो इनको परखिये ज़रा
आप हंसते हैं तों ये भी हंसते दिखें
भू, गगन, जल, हवा, आग देते हुए
पंच तत्वों का हर भाग देते हुए
पेड़ ही हैं जो जीवन हमें बख़्शते
बनके त्यागी हमें त्याग देते हुए
इनकी कलमें लिए आज भी हाथ हैं
हर हवन-यज्ञ में ये ही नतमाथ हैं
और कोई नहीं और कोई नहीं
पेड़ ही बस चिता तक रहे साथ हैं
जाति क्या धर्म क्या जानते ये नहीं
ऊंच क्या नीच क्या मानते ये नहीं
धर्म इनका है बस ज़िन्दगी बांटना
और क्या धर्म पहचानते ये नहीं
जो भी पौध लगाकर ही फल पायेगा
उनको सीचेंगा श्रम का वो फल पायेगा
स्वार्थ के वास्ते इनको काटेगा जो
वो कसाई भला कैसे कल पायेगा
डॉ. अक्षत ‘उर्मिलेश’
#EnvironmentDay2025
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
