बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ
बडे अरमान से बदायूं की जनता ने अपने पालनहारों का चुनाव मताधिकार की ताकत से किया था। आम आदमी ने सोचा था कि मतदान से चुने जाने वाले हमारे पालनहार सडकों की बदहाली दूर करेगें, क्षेत्र की सफाई पर ध्यान देगें, विकास कराने की राह पर चलेगें, सरकारी योजनाओं को पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने की राह बनाएगें, लम्बी दूरी की रेलगाडियों के चलने का सपना पूरा करेगें लेकिन आज हमारे क्षेत्र में क्या काम हुआ, कितनी सडकें ठीक हुई, कितनी सडके नई बनी, नालों और नालियों की सफाई धरातल पर कितनी हुई और फाइलों में कितनी दिखाई, अलाव के नाम पर कितनी लकडियां जली और कितनी लकडियां कागजों में जल गई। वृद्धावस्था एवं अन्य योजनाओं की पेंशन को लेकर पात्र विभागों के चक्कर लगाने की टेंशन में क्यों है, विद्युत विभाग को एचपी स्कूल के पीछे बिजली कनक्शन देने में क्या परेशानी है, साप्ताहिक यात्री ट्रेनों से क्षेत्र का कितना विकास होगा और लम्बी दूरी की नियमित रेलगाडियां बरेली – कासंगंज मार्ग पर कब चलेगीं, बदायूं को दिल्ली और लखनउ तक चलने वाली रेलगाडी कब मिलेगी और आम जनता के दर्द कब दूर होगें इसके बारे में हमारे पालनहारों को सोचना चाहिए।
No posts found.
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com