शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की कहानी से दूरी की कौन सी है मजबूरी ?

बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ किसी को याद करना और किसी को कुछ ना मानना हर व्यक्ति की अपनी मर्जी है लेकिन समाजिक और राजनेतिक संगठनों को इस बात पर गहनता से विचार करना चाहिए कि उनकी कार्यप्रणाली क्या होना चाहिए। राजनेतिक दलों का आम आदमी से सीधा जुडाव होना चाहिए कि … Continue reading शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की कहानी से दूरी की कौन सी है मजबूरी ?